Pain belongs to one identifying oneself with the body
देहाभिमानिनो दु:खं नादेहस्य स्वभावत: ।
Pain belongs to one identifying oneself with the body, not belong to the body by nature.
#Vedanta
Earth existed before you were born
Earth existed before you were born
My parents - "Earth existed before you were born"Science Teacher - "Earth existed...
मृत्यु केश पकड़कर ले जा रही है
अजरामरवत् प्राज्ञो विद्यामर्थं च चिन्तयेत्।गृहीत इव केशेषु मृत्युना धर्ममाचरेत् ॥ - Hitopadesha verse 3
अन्वयः- अजरामरवत् प्राज्ञः...
Bhagavata Purana Quotes
जन्तुर्वै भव एतस्मिन् यां यां योनिमनुव्रजेत् ।तस्यां तस्यां स लभते निर्वतिं न विरज्यते ।।
Mahabharata Quotes
न कर्मणा लभ्यते चिन्तया वानाप्यस्ति दाता पुरूषस्य कश्चित् ।पर्याययोगाद् विहितं विधात्राकालेन सर्वं लभते मनुष्यः ।।
यदि भोग ही उद्देश्य हैं
यदि इस संसार मे विषयो को भोग लेना ही उद्देश्य होता, तो पहले विषय को भोगकर ही हम तृप्त हो जाते ।
मृत्यु के पश्चात यह आत्मा कहा जाता है
बकरी 1 - हे प्रिय ! मृत्यु के पश्चात यह आत्मा कहा जाता है अथवा किन लोकों मे विश्राम करता...
You want to escape worldly duties
Father to a sanyasi son - "By becoming a Sanyasi you want to escape from worldly duties....
तुम देश की “केन्द्रीय सचिव” बनोगी
माता पुत्री से - तुम्हारा जन्म हमारे लिए एक वरदान है, तुम देश की "केन्द्रीय सचिव" बनकर...
जो दृष्टा है, वो विषयों के लिए दुख न करें ।
जो दृष्टा है, वो विषयों के लिए दुख न करें ।
क्योंकि जब वो सुबह जागता है, तो...











