हे भगवान ! जब हम सुबह जागे, तो यह संसार हमे दुखरूप लगे ।
हम उस धन और वैभव को भूला दे, जो हमने पिछली रात देखा ।
वो हमारा उद्देश्य न हो ! हमारी उस समय की हूई प्रार्थनाएं कभी पूर्ण न हो ।
हम आकाश को देखे और कहैं – ” दृष्टा के लिए यहाँ क्या उद्देश्य है”
हे भगवान ! जब हम सुबह जागे, तो यह संसार हमे दुखरूप लगे ।
हम उस धन और वैभव को भूला दे, जो हमने पिछली रात देखा ।
वो हमारा उद्देश्य न हो ! हमारी उस समय की हूई प्रार्थनाएं कभी पूर्ण न हो ।
हम आकाश को देखे और कहैं – ” दृष्टा के लिए यहाँ क्या उद्देश्य है”